संसार कल्पब्रृक्ष है इसकी छाया मैं बैठकर हम जो विचार करेंगे ,हमें वेसे ही परिणाम प्राप्त होंगे ! पूरे संसार मैं अगर कोई क्रान्ति की बात हो सकती है तो वह क्रान्ति तलवार से नहीं ,विचार-शक्ति से आएगी ! तलवार से क्रान्ति नहीं आती ,आती भी है तो पल भर की, चिरस्थाई नहीं विचारों के क्रान्ति ही चिरस्थाई हो सकती है !अभिव्यक्ति ही हमारे जीवन को अर्थ प्रदान करती है। यह प्रयास है उन्ही विचारो को शब्द देने का .....यदि आप भी कुछ कहना चाहते है तो कह डालिये इस मंच पर आप का स्वागत है….
" जहाँ विराटता की थोड़ी-सी भी झलक हो, जिस बूँद में सागर का थोड़ा-सा स्वाद मिल जाए, जिस जीवन में सम्भावनाओं के फूल खिलते हुए दिखाई दें, समझना वहाँ कोई दिव्यशक्ति साथ में हें ।"
चिट्ठाजगत

शुक्रवार, 14 अगस्त 2009

कान्हा जी आप आओ ना

Image:Vijay Kumar Sappatti

कान्हा जी आप आओ ना ......
मेरा मन तुम्हे बुला रहा है !!
अपनी मधुर मुरली सुनाओ ना ....
जो मेरे अन्दर के कोलाहल को मिटा दे !!
अपनी साँवरी छवि दिखा जाओ ना ...
जो मन, आत्मा और शरीर को निर्मल कर दे !!
अपना सुदर्शन चक्र घुमाओ ना ...
जो इस दुनिया की सारी बुराइयों को नष्ट कर दे !!
हर तरफ झूठ ही झूठ है .....
आप सत्या की स्थापना करने आओ ना !
फिर से अपना विराठ रूप दिखाओ ना !!
हे कान्हा ! तुम सारथी बनो .....
जैसे अर्जुन को राह दिखाई थी....
मुझको भी राह दिखाओ ना !!
मेरे हिम्मत टूट रही है .....
मुझको भी गीता का ज्ञान सुनाओ ना !!
जीवन की इस रण भूमि में ....
अपने ही मेरे शत्रु बने है ....
आप ही कोई सच्ची राह दिखाओ ना !!
तड़प रही हूँ इस देह की जंजीरो में ....
मुझको मुक्त कराओ ना !!
भाव सागर में डूब रही हूँ ....
तुम मुझको पार लगओ ना !!
कान्हा जी आप आओ ना ..........
कान्हा जी आप आओ ना ...........

18 टिप्पणियाँ:

अर्चना तिवारी 14 अगस्त 2009 को 11:13 am  

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ...जय श्रीकृष्ण !!

संगीता पुरी 14 अगस्त 2009 को 11:20 am  

बहुत सुंदर रचना ,
अपना सुदर्शन चक्र घुमाओ ना ...
जो इस दुनिया की सारी बुराइयों को नष्ट कर दे !!
हर तरफ झूठ ही झूठ है .....
आप सत्या की स्थापना करने आओ ना !
सबसे आवश्‍यक यही है !!

महेन्द्र मिश्र 14 अगस्त 2009 को 11:24 am  

जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाये

M VERMA 14 अगस्त 2009 को 11:49 am  

भाव सागर में डूब रही हूँ ....
तुम मुझको पार लगओ ना !!
बेहतरीन

HEY PRABHU YEH TERA PATH 14 अगस्त 2009 को 11:54 am  

जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाये
आभार

हे प्रभु यह तेरापन्थ
मुम्बई टाईगर

पी.सी.गोदियाल 14 अगस्त 2009 को 11:58 am  

वेदनापूर्ण ख़ूबसूरत प्रस्तुति !

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) 14 अगस्त 2009 को 12:45 pm  

waah gaargi ji waah krshn vhakti ke vbhaav mw baahv bibhor karti bhut hi sundar kavita
meri badhayi swikaar kare
saadar
praveen pathik
9971969084

Vijay Kumar Sappatti 14 अगस्त 2009 को 12:49 pm  

BAHUT SUNDAR GAARGI JI ...

KRISHNJANMASHTMI KE SHUBAVASAR PAR ITNI MOHAK KAVITA ..MAN KO CHOO GAYI BHAKTI RAS SE BHARPOOR .....

AAPKO BADHAI

VIJAY

जितेन्द़ भगत 14 अगस्त 2009 को 12:51 pm  

सुंदर और भक्‍ति‍पूर्ण रचना।

सुरेन्द्र "मुल्हिद" 14 अगस्त 2009 को 4:27 pm  

अत्यन्त सुंदर अभिव्यक्ति है!
जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें!
दास,
सुरेन्द्र "मुल्हिद"

AlbelaKhatri.com 14 अगस्त 2009 को 4:54 pm  

atyant uttam.........
saumya rachna..........
jai shri krishna !

विनय ‘नज़र’ 14 अगस्त 2009 को 5:05 pm  

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!!
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INDIAN DEITIES

hem pandey 15 अगस्त 2009 को 3:13 pm  

कान्हाजी जरूर आयेंगे -
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत |
अभ्युत्थानामधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ||

रचना गौड़ ’भारती’ 15 अगस्त 2009 को 9:01 pm  

आज़ादी की 62वीं सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं। इस सुअवसर पर मेरे ब्लोग की प्रथम वर्षगांठ है। आप लोगों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए मैं आपकी आभारी हूं। प्रथम वर्षगांठ पर मेरे ब्लोग पर पधार मुझे कृतार्थ करें। शुभ कामनाओं के साथ-
रचना गौड़ ‘भारती’

vandana 16 अगस्त 2009 को 5:23 pm  

bahut hi bhavmayi bhaktiras mein doobi rachna.

sam 24 जुलाई 2012 को 9:37 am  

mujhe 9 raso ki kavita chaiya plz send id sarjeel.faki@gmail.com

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.
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