संसार कल्पब्रृक्ष है इसकी छाया मैं बैठकर हम जो विचार करेंगे ,हमें वेसे ही परिणाम प्राप्त होंगे ! पूरे संसार मैं अगर कोई क्रान्ति की बात हो सकती है तो वह क्रान्ति तलवार से नहीं ,विचार-शक्ति से आएगी ! तलवार से क्रान्ति नहीं आती ,आती भी है तो पल भर की, चिरस्थाई नहीं विचारों के क्रान्ति ही चिरस्थाई हो सकती है !अभिव्यक्ति ही हमारे जीवन को अर्थ प्रदान करती है। यह प्रयास है उन्ही विचारो को शब्द देने का .....यदि आप भी कुछ कहना चाहते है तो कह डालिये इस मंच पर आप का स्वागत है….
" जहाँ विराटता की थोड़ी-सी भी झलक हो, जिस बूँद में सागर का थोड़ा-सा स्वाद मिल जाए, जिस जीवन में सम्भावनाओं के फूल खिलते हुए दिखाई दें, समझना वहाँ कोई दिव्यशक्ति साथ में हें ।"
चिट्ठाजगत

शनिवार, 1 अगस्त 2009

जन्मदिन पर मेरी बड़ाई

लंबी अमर हो प्रार्थना करूँगी भइया ।
आप का साथ न छूटे दुआ करूँगी भइया ॥

जीवन के रास्ते चाहे कठिन है।
आप साथ देना में लडूँगी भइया॥

सफलता चूमे आप के कदम।
हमेशा मन से सदा कहूंगी भइया॥

पता है हमे रूठे हो हम से ।
पर बहन तो आप की ही रहूँगी भइया॥

देने को पास कुछ भी नही है।
लेलो जन्मदिन पर मेरी बड़ाई भइया॥

18 टिप्पणियाँ:

gargi gupta 1 अगस्त 2009 को 12:17 pm  

भइया आप को जन्मदिन बहुत - बहुत मुबारक हो

‘नज़र’ 1 अगस्त 2009 को 12:39 pm  

बहुत ही सुन्दर रचना प्रस्तुत की आपने अपने भाई के जन्मदिन पर!
---
चाँद, बादल और शाम

परमजीत बाली 1 अगस्त 2009 को 2:13 pm  

सुन्दर रचना प्रस्तुत की है।बहुत बहुत बधाई।

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) 1 अगस्त 2009 को 2:34 pm  

maine aap ki kavita padhi hai kaafi achhi prstuti hai aur shabdo ka bhi aap ne saymit aur sdharan pryog karke aur rang bhar diya hai khask kar ye layne bhai se bhan ke prem ki adhud misaal hai सफलता चूमे आप के कदम।
हमेशा मन से सदा कहूंगी भइया॥
saadar
praveen pathik
9971969084

alfaz 1 अगस्त 2009 को 3:11 pm  

लंबी अमर हो प्रार्थना करूँगी भइया ।
आप का साथ न छूटे दुआ करूँगी भइया ॥

जीवन के रास्ते चाहे कठिन है।
आप साथ देना में लडूँगी भइया॥
सरल शब्दों में गहराई झलक रही हैं, लाजवाब.
लिक्तें रहिये और मुस्करातें रहिये.
गुरशरण भाजी की तरफ से इस रचना के लिए बधाई.

मीत 1 अगस्त 2009 को 3:11 pm  

बहुत अच्छी पोस्ट की है... आपका यह रिश्ता बरक़रार रहे....
मीत

मीत 1 अगस्त 2009 को 3:12 pm  

वैसे गार्गी जी जन्मदिन तो आपका भी आ रहा है, मुझे पार्टी का इंतज़ार रहेगा...
मीत

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 1 अगस्त 2009 को 3:53 pm  

पता है हमे रूठे हो हम से ।
पर बहन तो आप की ही रहूँगी भइया॥

बहुत खूब गार्गी जी!
तुम्हारे भइया को हमारी ओर से
जन्मदिन बहुत - बहुत शुभकामनाएँ

Udan Tashtari 1 अगस्त 2009 को 5:13 pm  

हमारी ओर से भी जन्मदिन की बहुत शुभकामनाएँ आपके भईया को.

Mumukshh Ki Rachanain 2 अगस्त 2009 को 2:56 am  

आपके भैया को हमारी तरफ से भी जन्म-दिन की हार्दिक बधाइयाँ और आपको भी आपके आने वाले जन्म-दिन(७अगस्त) पर हार्दिक बधियों का पिटारा अग्रिम रूप से.

श्रद्धा जैन 2 अगस्त 2009 को 11:08 am  

Ek bahut sunder rachna
bhai ko janamdin par diya isse achha tofha maine aaj tak nahi dekha

ajitji 2 अगस्त 2009 को 12:17 pm  

जीवन के रास्ते चाहे कठिन है।
आप साथ देना में लडूँगी भइया॥ , vishwaas se
bhari hui rachana,,,,, aapke bhai saab ko janm divas ki shat shat badhaaiyan ,,
achchi rachana hai

kashiram choudhary 5 अगस्त 2009 को 4:02 pm  

नमस्कार! आज पहली बार आपका ब्लॉग देखने का मौका मिला है। हर रचना बहुत ही अद्भुत है। आप एक निजी फर्म में काम करते हुए भी इतना अच्छा लिख पा रही हैं। निश्चित ही बधाई की पात्र हैं। शुभकामनाएं।

Pakhi 6 अगस्त 2009 को 12:01 am  

Nice creativity...wishing happy B.day.

पाखी की दुनिया में देखें-मेरी बोटिंग-ट्रिप !!

hem pandey 9 अगस्त 2009 को 4:55 pm  

शुभकामना की भावना से सराबोर एक सुन्दर रचना.

नीर 25 अगस्त 2009 को 9:01 pm  

Gargi Ji,
Bhaiya ke liye itni khoobsurati se aapne ye ghazal kahi hai ki mere paas shabd nahin hain bayaan karne ko.
Hats off....

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.
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